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Monday, January 15, 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रॉकस्टार और क्रांतिकारी नेता। भारत इजराइल करार

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू छह दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे , दौरे का दूसरा दिन भी बेहद खास रहा। बेंजामिन नेतन्याहू और नरेन्द्र मोदी की दोस्ती जग जाहिर है । आज दोनों नेताओं ने एक दुसरे की जमकर तारीफ़ की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर करार भी हुआ । इस मौके पर इजराइल और भारत के बीच अनेक क्षेत्रो विशेषकर कृषि, रक्षा , स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा इतियादी में अनेक करार हुए।
आज इजराइल के प्रधानमन्त्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कांफ्रेंस में दोनों नेताओं की दोस्ती साफ़ साफ़ देखी जा सकती थी। दोनों नेताओं ने एक दुसरे की तारीफ़ करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। मोदी और नेतन्याहू के बीच काफी गर्मजोशी देखने को मिली। दोनों ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की।
मोदी -  बेंजामिन नेतन्याहू
नेतन्याहू ने तो यहां तक कह दिया कि जब मोदी इजरायल दौरे पर आए थे तो उनका कार्यक्रम किसी रॉक कॉन्सर्ट की तरह था।
आज भारत और इजरायल दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संयुक्त रूप से कार्य करने को लेकर सहमति बनी। साइबर सुरक्षा, सौर उर्जा के अलावा कृषि,फिल्म निमार्ण, पेट्रोलियम को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है। इसी मौके पर इनवेस्ट इंडिया इनवेस्ट इजरायल पर भी दोनों देशो ने कार्य करने को लेकर इच्छा जाहिर की।

दोनों देश मिलकर काम करेंगे : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कुशल वक्ता है और वो अपने बोलने के अंदाज़ से सबको आकर्षित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ने अपने संबोधन की शुरुआत के बाद कुछ पंक्तियां इजरायल की भाषा में बोलीं।
पीएम ने नेतन्याहू को दोस्त 'बीबी' कहकर भी संबोधित किया।
उन्होंने कहा, 'दोनों देशों के बीच फिल्म, स्टार्ट अप इंडिया, रक्षा और निवेश को लेकर सहमति बनी है। मैं उम्मीद करता हूं कि आनेवाले समय में दोनों देश मिलकर एक-दूसरे की तरक्की और दोनों देशों की जनता के लिए मिलकर काम कर सकेंगे।
त्यौहारों के मौके पर इस यात्रा पर प्रधानमन्त्री मोदी ने कहा के मेरे मित्र नेतन्याहू ने ऐसे समय में भारत का दौरा किया जब देश में लोहड़ी, मकर संक्राति, पोंगल और बीहू जैसे त्योहारों का मौसम है।'
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमन्त्री को अपने गृह राज्य ले जाने की भी बात कही यह भी ऐतिहासिक घटना है कि तीन मूर्ति चौक का नामकरण तीन मूर्ति हाइफा चौक के रूप में किया गया। यह दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक विरासत का उदाहरण है।'

मेरे ख़ास मित्र इजरायल का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री : नेतन्याहू

इजरायल प्रधानमन्त्री ने अपना सम्बोधन मोदी जी के भाषण के बाद शुरू किया, जिसमें वो काफी भावुक भी हुए। उन्होंने कहा की मेरे मित्र नरेन्द्र मोदी हमारे हजारों साल की साझा विरासत में इजरायल का दौरा करनेवाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
इस मौके पर उन्होंने कहा के नरेंद्र मोदी के दौरे ने सभी इजरायलियों और भारतीय मूल के सभी नागरिकों को उत्साहित कर दिया था। उन्होने नरेंद्र मोदी को रॉकस्टार की भूमिका दे दी और कहा उनका इजरायल दौरा एक रॉक कॉन्सर्ट जैसा ही था। लेकिन वह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम था।' उन्होंने कहा कि वह भारत और व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस लाजवाब खातिरदारी के लिए शुक्रगुजार हैं।

नरेंद्र मोदी एक क्रन्तिकारी नेता : नेतन्याहू

नेतन्याहू मोदी की तारीफ़ में यंही नही रुके और पीएम मोदी की तारीफ में कहा के 'आप एक क्रांतिकारी नेता हैं और आपके प्रयासों से भारत महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेगा। हम दो ऐसे मुल्क हैं जिनका अतीत गौरवशाली है और हम दो ऐसे मुल्क हैं जो अपने वर्तमान पर गर्व करते हैं।'
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि 25 वर्षों से भारत और इजरायल के मजबूत संबंध हैं, लेकिन दोनों देशों के संबंध अब दूसरे ही मुकाम पर हैं। फिल्म क्षेत्र में दोनों देशों के बीच हुए करार पर नेतन्याहू ने कहा मैं और मेरी पत्नी बॉलिवुड फिल्मों को लेकर व्यक्तिगत तौर पर खुश हैं। नेतन्याहू ने कहा, 'विश्व के दूसरे देशों में यहूदी समुदाय को जैसे अलग-थलग किया गया, भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ। भारत के यहूदियों में कभी अलगाव की भावना नहीं आई।'

किन किन मुद्दों पर हुए करार ?

आज भारत और इजरायल के प्रधानमन्त्रियो के बीच हुई वार्ता के बाद अनेक मुद्दों पर सहमती जताई और करार हुए। इनमे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे नीचे दिए गये हैं।
- कृषि और रक्षा
दोनों नेताओं ने कृषि और रक्षा क्षेत्रो में आपसी सहयोग और तकनीक का आदान प्रदान पर सहमति जताई और करार किया।
- साइबर सुरक्षा, सौर उर्जा
आने वाला वक्त पर्यावरण और साइबर सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है क्यूंकि ये दोनों ऐसे मुद्दे है जिस पर तेज़ी से कार्य करने की आवयश्कता है। इसीलिए भारत ने इजरायल के साथ साइबर सुरक्षा और सौर उर्जा पर साथ कार्य करने का करार किया। यह जानना अत्यधिक आवयश्क है की इजरायल सौर उर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी देश है ।
- भारत और इजरायल फ़िल्मी दोस्त
इजरायल नेता ने कहा के वह और उनकी पत्नी दोनों  बॉलीवुड फिल्मो के प्रशंसक है, और दोनों देशो ने फिल्म निर्माण और शूटिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए तयार हुए।
-  स्वास्थ्य करार
इस मौके पर दोनों नेताओं ने होमेओपेथि दवाओ में इजरायल की तकनीक प्रदान करने पर भी सहयोग हुआ ।
इस दौरे को भारत और इजरायल दोनों देशो की दोस्ती के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ये यात्रा दोनों देशो के लिए एक मील का पत्थर जैसा हो सकता है।

Thursday, January 4, 2018

कुमार का नहीं रहा अब आप पर विश्वास| केजरीवाल को दिया करारा जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से राज्यसभा के लिए नामो का सभी को इंतज़ार था। बुधवार को आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा में भेजे जाने के लिए बुधवार को तीन नाम फाइनल किए गए। इन नामो में आप नेता और पंजाब के पार्टी प्रभारी संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता का नाम फाइनल किया गया है। सबसे चौकाने वाला नाम जो लिस्ट में नहीं था वो था 'कुमार विश्वास' का । कुमार विश्वास ने भी अरविन्द केजरीवाल को अपने ही अंदाज़ में जवाब दिया।
Kejriwal v/s Kumar Vishwas
कुमार के नाम पर नहीं हुई चर्चा : सिसोदिया
दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और कुमार विश्वास के सबसे उन्होंने कहा, "11 नामों पर चर्चा की गई थी और कुमार विश्वास पर तो चर्चा भी नहीं की गई।"
जैसे की उम्मीद थी के कुमार विश्वास जल्दी ही इस पर प्रतिक्रिया देंगे और जमकर हंसी हंसी में कुमार विश्वास और मनीष सिसोदिया को लताड़ा। कुमार विश्वास ने इस फैसले के बाद कहा, "अरविंद ने मुझे मुस्कुराते हुए कहा था कि सरजी आपको मारेंगे पर शहीद नहीं होने देंगे।
उनहोंने कहा मैं उनको बधाई देता हूं कि मैं अपनी शहादत स्वीकार करता हूं।"

राज्यसभा ना भेजे जाने से टूटा विश्वास?

कुमार विश्वास को बहुत उम्मीद थी के उन्हें इस बार राज्यसभा के लिए भेजा जायेगा, पर जब नामो का एलान हुआ तो कुमार विश्वास ने अपने ही अंदाज़ में केजरीवाल को जवाब दिया।
- कुमार ने कहा कि "मैंने जो सच बोला था उसका पुरस्कार मुझे दंड स्वरूप दिया गया।
- कुमार विश्वास ने कहा उन्हें Surgical Strike , demonetization और गलत टिकट वितरण पर बोलने की सजा मिली है।
- उन्होंने कहा कि अरविंद ने मुझे मुस्कुराते हुए कहा था कि सरजी आपको मारेंगे पर शहीद नहीं होने देंगे। मैं उनको बधाई देता हूं कि मैं अपनी शहादत स्वीकार करता हूं।
- उन्होंने कहा के उन्हें पता है कि केजरीवाल की मर्ज़ी के बिना पार्टी में कुछ नही होता और आपसे असहमत रह के वहां जीवित रहना मुश्किल है। मैं पार्टी आंदोलन का हिस्सा हूं तो ये अनुरोध करता हूं कि शहीद तो कर दिया पर इस शव से छेड़छाड़ ना करें।'

हार्दिक ने क्यूँ है कुमार पर विश्वास ?

- गुजरात से उभरे नए युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी कुमार विश्वास को राज्यसभा भेजने की मांग की। हार्दिक ने कहा के कुमार विश्वास एक अचे वक्ता है और यदि संसद में कोई फर्जी राष्ट्रवादियों को चुप करा सकता है तो वो डॉ.कुमार विश्वास हैं।"
- हार्दिक पटेल के इलावा विपक्षी दल और जो लोग कुमार विश्वास के बारे में जानते हैं वो सभी चाहेंगे के कुमार विश्वास राज्यसभा में जाते।

AAP क्यूँ नही चाहती कुमार को राज्यसभा में ?

कुमार विश्वास हमेशा से अपनी बेबाक अंदाज़ के लिए मशहूर रहे हैं। कई ऐसे मौके आये हैं जब उन्होंने अपने बयानों से अपनी ही पार्टी को घेर डाला। कुछ ऐसे ही मौके हैं जब उन्होंने अपनी पार्टी और नेताओं के काम पर सवाल उठाया ,जिसके कारण पार्टी उन्हें राज्यसभा नहीं भेजना चाहती।

विश्वास के पार्टी पर अविश्वास वाले कुछ बयान?

1. महारथी अभिमन्यू का वध करना चाहेंगे
वॉलन्टियर्स से बातचीत में विश्वास ने कहा था, "लड़ाई भीषण है। कई महारथी अभिमन्यु का वध करना चाहेंगे। पार्टी में कुछ एंटी वायरस लगाए जा रहे हैं। ये एंटी वायरस कार्यकर्ताओं के हैं। कार्यकर्ता सच-सच बताएंगे कि संगठन में कहां दिक्कत है और विधायक कैसा काम कर रहे हैं?'
2. एक CM, दूसरा डिप्टी CM, तीसरा कुछ नहीं
कुछ महीनों पहले एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी। इसमें विश्वास कह रहे हैं कि तीन लोगों ने पार्टी बनाई, एक सीएम, दूसरा डिप्टी सीएम, तीसरा कुछ नहीं। इसके पहले उन्होंने एक प्रोग्राम में कहा था कि वे पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और दोगुने जोश के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे।
3. प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव से बातचीत चल रही है
इसी बातचीत में विश्वास ने कहा था, "अगर कोई दूसरे दल में नहीं गया है और वापसी चाहता है, अगर किसी ने राजनीतिक दल बना लिया है और विलय चाहता है तो हो सकता है। लिस्ट बहुत लंबी है। सुभाष वारे से लेकर अंजलि दमानिया तक, मयंक गांधी, धर्मवीर गांधी से लेकर प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव तक। ऐसे नेताओं के साथ बात वॉलन्टियर्स बात कर रहे हैं। अपनी गलतियों के लिए हम उनसे माफी मांग लेंगे।"
लेकिन कुमार विश्वास के इस दावे को केजरीवाल और दूसरे पार्टी लीडर्स ने खारिज कर दिया था।

केजरीवाल ने क्या कहा था?

- विश्वास समर्थकों के हंगामे के बाद केजरीवाल ने वीडियो ट्वीट किया था।
- इसमें केजरी ने कहा था, "जिन्हें देश के लिए काम करना है, वे पार्टी में आएं। जिन्हें पद और टिकट का लालच है, वे पार्टी छोड़कर चले जाएं।" हालांकि, यह वीडियो काफी पहले का था। लेकिन इसे दोबारा रीट्वीट करने विश्वास का जवाब माना जा रहा था।
क्यों नाराज हुए थे विश्वास?
- दिल्ली के आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर पार्टी को तोड़ने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विश्वास आरएसएस के एजेंट हैं और पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। कुमार इससे नाराज हो गए। उन्हें मनाने के लिए केजरीवाल और मनीष सिसोदिया उनके घर गए थे।
- अमानतुल्ला को केजरीवाल का करीबी माना जाता है। हालांकि, कुमार समर्थकों के दबाव के चलते उन्हें आप से सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद से कुमार पार्टी लीडरशिप के फैसलों पर वक्त-वक्त पर हमला बोलते रहे हैं।

Wednesday, December 20, 2017

हिमाचल चुनाव में अपने ही नेता के कारण जीतकर भी हारी बीजेपी। जानिये कैसे ?

हिमाचल और गुजरात विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की। पूरे देश का ध्यान गुजरात विधानसभा चुनाव पर था, लेकिन सबसे रोचक खबर आई देवभूमि हिमाचल प्रदेश से जंहा प्रधानमंत्री मोदी और राजनीती के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की रणनीति असफल हो गयी ।
हालांकि चुनाव तो बीजेपी जीत गयी ,लेकिन उनके अपने ही नेताओं की ऐसी हार हुई जिसके बाद जीतकर भी बीजेपी हार गयी ।
जानिये हिमाचल प्रदेश में भाजपा का जीतकर भी हारने के कारण ।
बाबा बकचोद का ज्ञान
जनता के प्रकोप से कौन आज तक बच पाया है,
सुजानपुर वालो ने धूमल को ये सबक सिखाया है ।
भावी CM की जगह राजिंदर राणा जिताया है ,
मज़ा किरकरा कैसे करती है जनता , क्या अब समझ आया है ???
धूमिल हुए धूमल

मुख्यमंत्री पद उमीदवार हारा ।

ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है , के जो पार्टी जीती उसी पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार हार जाए । जी हाँ, हम बात कर रहे हैं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल की ।
प्रेम कुमार धूमल इस चुनाव से पहले दो बार प्रदेश मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता रह चुके हैं ।
प्रेम कुमार धूमल को चुनाव से पहले ही , भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था। लेकिन ये दांव बीजेपी को उल्टा पद गया और मुख्मंत्री पद का उम्मीदवार पार्टी के जीतने के बावजूद हार गया । इस हार के साथ ही सांसद अनुराग ठाकुर के पिता और 2 बार के पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफ्फेसर प्रेम कुमार धूमल का राजनितिक जीवन खत्म होने की कगार पर है ।

धूमल की हार का कारण ?

प्रेम कुमार धूमल को हराने वाले नेता का नाम है राजिंदर राणा । ये कहा जा सकता है के धूमल को एक युवा नेता राजिंदर राणा ने हरा दिया पर इसके पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है अपितु कई कारण है ।
आइये जानते हैं, ऐसे ही कुछ कारणों को विस्तार से ।
- दो खेमो में बंटा दल
जीत के बाद अक्सर ऐसी बातें सामने नहीं आती परन्तु हिमाचल बीजेपी हमेशा से ही दो खेमो में बनती हुई है । इसमें एक खेमा प्रेम कुमार धूमल तो वन्ही दूसरा जे प़ी नडडा का है। जे पी नडडा से पहले ये गुट पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद शांता कुमार के समर्थन से काम करता था। ये गुटबाजी को धूमल की हार का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है ।
- सीट का बदलना
केंद्र में अचूक पकड और अमित शाह से अच्छे सम्बन्धो की वजह से प्रेम कुमार धूमल को नडडा ने हमीरपुर सीट की बजाय सुजानपुर सीट से खड़ा कर दिया। प्रेम कुमार धूमल बहुत अच्छे से जानते थे की उनकी हार निश्चित है । परन्तु बेटे अनुराग ठाकुर और उनके गुट के नेताओ सतपाल सत्ती, सुरेश भ़ारद्वाज, राजीव बिंदल और नरेन्द्र बरागटा की वजह से उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बना दिया गया।
- राजिंदर राणा की लोकप्रियता
अनेक कांग्रेस शीर्ष नेताओ के हारने के बावजूद भी राजिंदर राणा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के खिलाफ भी जीत गये ,इसमें उनकी लोकप्रियता सबसे अहम है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है की राजिंदर राणा इससे पहले स्वतंत्र रूप से भी इस सीट से जीत चुके हैं।

कौन है राजिंदर राणा?

राजिंदर राणा के बारे में जानकार उन लोगो को आश्चर्य होगा जो उन्हें नही जानते ,क्यूंकि राजिंदर राणा वही शक्स है जो कुछ साल पहले तक भाजपा कार्यकर्ता और धूमल के ख़ास नेता हुआ करते थे। वह धूमल के पुरे चुनावी अभियान की अगुवाई करते थे। राजिंदर राणा की धूमल से अनबन के बाद वह पार्टी छोड़ स्वतंत्र लड़े और पिछले चुनाव में जीत गये। इस चुनाव में धूमल से टक्कर के लिए वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये।

किन नेताओं ने किया बीजेपी की जीत का मजा किरकिरा ?

- सतपाल सत्ती
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रेम कुमार धूमल के ख़ास नेताओ में से एक सतपाल सत्ती अपनी सीट नही बचा पाए। सत्ती उन्ना सीट से चुनाव में शामिल हुए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा ।
- महेश्वर सिंह
कुल्लू के राजा और पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी अपनी सीट नही बचा पाए । महेश्वर सिंह कुछ समय पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले उन्होंने अपनी अलग पार्टी हिमाचल लोकहित पार्टी बनाई थी ।
- गुलाब सिंह ठाकुर
भाजपा के वरिष्ट नेता और कांग्रेस पार्टी के नेता कौल सिंह ठाकुर के समधी ठाकुर गुलाब सिंह भी अपनी सीट बचाने में असफल रहे । रोचक बात ये है के उनके समधी कौल सिंह और उनकी बेटी चंपा ठाकुर भी अपनीं सीट नहीं बचा पाए।

हालंकि इन नेताओ ने बीजेपी की जीत का मज़ा थोडा किरकिरा किया है , पर अब सभी को नए मुख्यमंत्री का इंतज़ार है। क्यूंकि इस चुनाव के साथ ही राजा वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के राजनितिक युग का अंत हो गया है।
यह कहना भी रोचक होगा के वीरभद्र सिंह हारकर भी इस चुनाव में जीत गये , वन्ही प्रेम कुमार धूमल चुनाव में पार्टी के जीतने पर भी हार गये।

Monday, December 11, 2017

Santa Banta जोक्स हिंदी में | Funny वीडियो | SMS-WhatsApp चुटकुले

#SantaBanta भारत में सबसे पसंदीदा चरित्र हैं जो लोगो को हँसाने का काम करते हैं आज बाबा बकचोद आपके लिए लाये हैं के हिंदी में चुटकुले, आपको हँसाने के लिए शानदार वीडियो और दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए SMS/WhatsApp जोक्स
अगर पसंद आये तो शेयर करना न भूले
बाबा बकचोद का ज्ञान
"संता बंता" तो एक बहाना है ,
हमने तो आपको हसाना है ।
अपने साथ-साथ दुसरो को भी सुनाना है ,
क्यूंकि बाबा बकचोद आपके हँसते चेहरे का दीवाना है ।
Santa-Banta
  • संता ने मैगज़ीन बेचने का काम शुरू किया
    संता मैगज़ीन बेचते हुए जोर-जोर से सडक पर चिल्लाता हुआ जा रहा था, आज की ताजा खबर।
    "एक छोटे से झूठ ने 125 लोगों को बेवकूफ बनाया।"
    बंता: "भाई !! एक अखबार देना।"
    संता आगे बढ गया और फिर चिल्लाया - "एक छोटे से झूठ ने 126 लोगों को बेवकूफ बनाया।"

    •  संता सामान खरीदने दूकान पर गया
      संता (sales गर्ल से): आपकी शक्ल मेरी बीवी से मिलती है ।
      लड़की ने ज़ोरदार थप्पड़ संता के मुँह पर मारा..
      संता आश्चर्य से  : आदत भी वही है!!

    •  संता-बंता (डॉक्टर से) – आप हमारी शराब छुड़वा सकते हो, क्या?
      डॉक्टर – हाँ  हाँ क्यों नही ।
      शराबी – तो पुलिस ने मेरी 15 बोतलें पकड़ी है प्लीज छुड़वा दो ।।

      • संता हाथ और पैर में ब्लेड मार रहा था।
        बीवी(हैरानी से): यह क्या कर रहे हो जी ?
        संता : Dettol की बोतल टूट गयी है, कहीं Dettol बर्बाद न हो जाए, इसलिए हाथ और पैर काट रहा हूँ , आ अपनी ऊँगली दे |

      •  संता की क्लास की लड़की -  लड़के तो नालायक होते हैं
        हम लड़कियां पढ़ाकू होती हैं ।
        संता - हम लड़के भी किसी से कम नहीं होते, और तुम लड़कियों से तो बिलकुल नहीं !!
        लड़की - लड़कियां आगे हैं।
        संता - अच्छा एक सवाल का जवाब बता।
        लड़की - हाँ पूछो!
        संता - ऐसी क्या चीज़ है
        जो फ्रिज में रखने पर भी गर्म ही रहती है
        लड़की - पता नहीं
        संता - गरम मसाला
        देखा हम किसी से कम नहीं 
       
      • एक छात्र(संता) ने गणित के अध्यापक(बंता) से कहा – सर ! अंग्रेजी के अध्यापक तो अंग्रेजी में बातें करते है | आप भी गणित में बात क्यों नहीं करतें ?
        गणित अध्यापक(बंता) – ज्यादा तीन पांच न कर फोरन नौ -दो ग्यारह हो जा , नहीं तो चार पांच रख दूगां तो छठी का दूध याद आ जाएगा |

      Friday, December 8, 2017

      Virushka हुए शादी के लिए मिलान रवाना | ये था क्रिकेट से छुट्टी का राज

      भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी का सभी लोगो को बेसब्री से इंतज़ार है और कई बार उनकी शादी की अफवाहें उड़ चुकी है। अगर मीडिया रिपोर्ट को माना जाये तो विराट कोहली और बैंड बाजा बारात गर्ल अनुष्का शर्मा ने शादी की तयारी कर ली है । खबरों के मुताबिक शादी के लिए विराट और अनुष्का का परिवार देश से बहार जा चुके है ।

      कहा होगी #VIRUSHKA  की शादी ?

      मीडिया खबरों के अनुसार, अनुष्का और विराट की शादी 9 दिसंबर से 12 दिसंबर के बीच इटली के मिलान में होगी । इसके लिए अनुष्का शर्मा अपने परिवार के साथ देश से बाहर जा चुके हैं ।
      दरसल कल अनुष्का शर्मा को पूरे परिवार के साथ मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखा गया । खबरों के मुताबिक अनुष्का और विराट मुंबई से स्विट्ज़रलैंड के लिए निकले हैं, और शादी के लिए मिलान को चुना गया है ।

      परिवार के पंडित अनंत बाबा भी साथ गए

      खबर इसलिए भी सच नज़र आती है क्यूंकि इटली के लिए अनुष्का शर्मा के माता पिता और भाई के इलावा उनके परिवार के पंडित जो कुछ समय पहले जो पिछले साल अनुष्का-विराट की उत्तराखंड वाली मुलाकात या कहें रोका सेरेमनी में मौजूद थे। शर्मा फैमिली महाराज अनंत बाबा को काफी मानती है। अनुष्का शर्मा और उनका पूरा परिवार पंडित अनंत बाबा जी को बहुत मानते हैं ।
      - खबरों के मुताबिक पंडित अनंत बाबा भी अनुष्का शर्मा के परिवार के साथ गए हैं और वही अनुष्का-विराट की शादी करवाएंगे ।

      कौन कौन गए मिलान और क्या है प्रोग्राम ?

      अनुष्का शर्मा अपने पूरे परिवार के साथ मिलान के लिए रवाना हुई है , खबरों के मुताबिक अनुष्का के परिवार ने इटली के मिलान में पहले से ही शादी के लिए जगह बुक कराई है।
      अनुष्का शर्मा के साथ उनके माता पिता अजय कुमार शर्मा, मां अशिमा शर्मा और भाई कर्णेश शर्मा भी मौजूद थे।
      - वंही कहा जा रहा है, विराट कोहली अपनी माँ के साथ इटली पहुंचेंगे ।  खबरों के मुताबिक 9-12 दिसंबर के बीच शादी करने के बाद अनुष्का और विराट सभी दोस्तों और बाकी लोगो को 21 दिसंबर को रिसेप्शन देंगे । 

      विरूष्का का सफर

      अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी इस वक़्त सबसे पॉपुलर जोड़ी है जो न सिर्फ युवाओ के दिलो में बल्कि क्रिकेट जगत और बॉलीवुड हर जगह चर्चा का केंद्र है। अनुष्का और विराट दोनों 2013 से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।
      - अनुष्का को अच्छे और बुरे दौर में विराट के साथ देखा गया है ।
      - अनुष्का बहुत बार विराट कोहली को चीयर करने के लिए मैदान तक आती है ।
      - वंही विराट कोहली को भी अपने व्यस्त कार्यक्रम से वक़्त निकाल के फिल्मोत्वो में उपस्थित देखा गया है ।
      - अनुष्का और विराट का प्यार इस वर्ष के अंतिम महीने यानी 9-12  दिसंबर के बीच में परवान चढ़ने की उम्मीद है ।

      शादी हो सकता है विराट की छुट्टी का राज

      विराट कोहली को क्रिकेट से दूर रहते हुए बहुत काम देखा गया है । लेकिन अब खबरों के हिसाब से लग रहा है विराट कोहली ने शादी के लिए एकदम सही वक़्त चुना है । क्यूंकि भारत की टीम श्री लंका जैसी कमजोर टीम के खिलाफ खेल रही है ।
      विराट की आराम की खबर से सभी लोग हैरान थे लेकिन अब जबसे विराट और अनुष्का की शादी की खबर आयी है सभी लोगो को आराम की बात समझ आ गयी है  ।

      हम उम्मीद करते हैं ये जोड़ी शादी करके अपने सभी चाहने वालो को खुश करे और उसके बाद अपने अपने करियर में नयी ऊंचाइयों को छुए।

      Wednesday, December 6, 2017

      सचिन के टेस्ट रिकॉर्ड को इन खिलाड़ियों से खतरा !! क्रिकेट खबर

      सचिन के टेस्ट में कई ऐसे रिकॉर्ड है जिनको तोडना कुछ समय पहले तक नामुमकिन लगता था लेकिन आज वो सभी रिकॉर्ड टूटने की कगार पर है सचिन को हमेशा से ही क्रिकेट का 'भगवान' कहा जाता है, क्यूंकि बहुत कम ऐसे रिकॉर्ड है जो सचिन के नाम न हो
      सचिन के रिकॉर्ड तोड़ने की कगार में ऑस्ट्रेलिया , इंग्लैंड , न्यूज़ीलैण्ड के अलावा भारत का एक खिलाडी भी है |
      उन सब नामो के बारे में जाने से पहले आइये जानते है सचिन के टेस्ट रिकॉर्ड के बारे में

      सचिन तेंदुलकर

      क्रिकेट के भगवान और 100  करोड़ जनता के दिलो की धड़कन सचिन तेंदुलकर मुंबई में पैदा हुए 24  अप्रैल 1973  में हुआ सचिन ने मात्र 16  साल की उम्र में क्रिकेट में अपनी पहली पारी खेली सचिन ने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों के साथ साथ टेस्ट क्रिकेट में भी कई ऐसे रिकॉर्ड बनाये है जो आने वाले कई सालों तक तोड़ने नामुमकिन है, लेकिन उनके कुछ ऐसे रिकॉर्ड है खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में जो टूटने की कगार पर है

      सचिन तेंदुलकर (टेस्ट रिकॉर्ड)

      सबसे ज़्यादा टेस्ट मैच : 200
      सबसे ज़्यादा रन : 15,921
      सबसे ज़्यादा शतक : 51
      सबसे ज़्यादा अर्धशतक : 68

      हालंकि आज तो ये सभी रिकॉर्ड तोडना मुमकिन नहीं लगता पर आधुनिक क्रिकेट में बहुत से ऐसे बल्लेबाज़ है जिनके रिकॉर्ड ये कहने को मजबूर करते है के बहुत जल्दी सचिन के ये बड़े बड़े रिकॉर्ड टूट सकते हैं आइये जानते है कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जो सचिन के इन रिकॉर्डो को तोड़ सकते हैं

      1. एलेस्टर कुक

      इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और इंग्लैंड की तरफ से पहले ऐसे टेस्ट खिलाडी जिन्होंने टेस्ट मैचों में 10000 रन का आंकड़ा पूरा किया एलेस्टर कुक को सुनील गावस्कर ने कहा था की सचिन के रिकॉर्ड अगर कोई तोड़ सकता है तो एलेस्टर कुक ही है
      उम्र :
      मैच : 149
      रन : 11691
      शतक : 31
      अर्धशतक : 55

      इन आंकड़ों को देखने के बाद लगता है के शायद कुक को उनकी उम्र के हिसाब से सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने में थोड़ी दिक्कत आएगी, पर ये रिकॉर्ड तोडना उनके लिए नामुमकिन नहीं होगा

      2.  केन विल्लियम्सन 

      केन विल्लियम्सन  न्यूज़ीलैंड के कप्तान है और एक सफल टेस्ट बल्लेबाज़ है उन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके हिसाब से कहा जा सकता है अगर उनका प्रदर्शन कुछ सालो तक ऐसा ही रहा तो वो अवश्य ही सचिन का रिकॉर्ड तोड़ देंगे मौजूदा समय में केन विल्लियम्सन न्यूज़ीलैंड के सबसे सफल बल्लेबाज़ है केन विल्लियम्सन मौजूदा समय में लगभग 50  की औसत से राण बना रहे है और उनकी उम्र मात्र 27 साल है
      उम्र : 27
      मैच : 62
      रन : 5117
      शतक : 17
      अर्धशतक : 25

      3. जो रुट

      जो रुट इंग्लैंड के कप्तान है और क्रिकेट से उनका गहरा रिश्ता है क्यूंकि उनके दादा भी क्रिकेटर थे जो रुट अच्छी औसत के साथ टेस्ट क्रिकेट में रन बनाते जा रहे हैं जो रुट  ने अपना टेस्ट करियर भारत के विरुद्ध 2012  में ही शुरू किया 27  साल के जो रुट 55 से ज़्यादा की औसत से टेस्ट में रन बना रहे है
      उम्र : 27
      मैच : 62
      रन : 5465
      शतक : 13
      अर्धशतक : 34

      4. स्टीवन स्मिथ ऑस्ट्रेलिया के 28  वर्षीय कप्तान स्टीवन स्मिथ सचिन के टेस्ट रिकॉर्ड के लिए सबसे बड़ा खतरा है स्मिथ इस वक़्त सबसे शानदार टेस्ट खिलाडी है और उनकी औसत 60  से भी अधिक है स्टीवन स्मिथ ने एक गेंदबाज़ के तौर पर क्रिकेट में प्रवेश किया था लेकिन आज वो बल्लेबाज़ के तौर पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं अगर वह सचिन का रिकॉर्ड तोड़ते हैं तो ज़्यादा हैरानी नहीं होनी चाहिए
      उम्र : 28
      मैच : 58
      रन : 5557
      शतक : 21
      अर्धशतक : 21

      5. विराट कोहली

      रन मशीन विराट कोहली उन खिलाड़ियों में से है जिनसे सभी भारतीय उम्मीद कर रहे हैं के वो सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ेंगे| कोहली एकमात्र ऐसे बल्लेबाज़ है जिन्होंने अब तक सभी क्रिकेट फॉर्मेट में 50 से अधिक की औसत से राण बनाये हैं
      कोहली लगातार बढ़िया प्रदर्शन करते जा रहे है और उनसे उम्मीद है के अगर सचिन का रिकॉर्ड टूटता है, तो विराट कोहली ही तोड़े विराट कोहली अर्धशतक को शतक में बदलने में माहिर है , इसलिए उनके टेस्ट शतकों की संख्या अर्धशतकों से अधिक है
      उम्र : 29
      मैच : 63
      रन : 5268
      शतक : 20
      अर्धशतक :15

                   
       सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए इन युवा बल्लेबाज़ों को कड़ी महनत करनी पड़ेगी । ये सभी युवा बल्लेबाज़ अचे दौर से गुज़र रहे हैं । इनका असली टेस्ट तब होगा जब ये बुरी फॉर्म और बुरे दौर से गुजरेंगे । सचिन ने एक लम्बा वक़्त क्रिकेट के मैदान पर गुजरा इसीलिए इतने महान रिकॉर्ड बना पाए | जो भी हो भारत के सभी लोग चाहेंगे के अगर ये रिकॉर्ड टूटता भी है तो सिर्फ विराट कोहली या कोई भारतीय ही तोड़े । सचिन ने भी अपना सौंवा शतक बनाते वक़्त यही इच्छा ज़ाहिर की थी ।

      Monday, December 4, 2017

      राहुल के नामांकन पर किसी ने कहा शेर तो किसी ने साहसिक। रिश्तेदार हुआ नाराज़

      कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी होने के बाद  पार्टी और दूसरी पार्टीयो के नेताओ ने राहुल गाँधी के बारे में अलग अलग बयान दिए है । इसी बीच राहुल गाँधी के एक रिश्तेदार ने उनके अध्य्क्ष बनने की प्रक्रिया पर सवाल उठा दिए है । पूरी कांग्रेस पार्टी में राहुल गाँधी की अध्यक्ष पद की ताजपोशी से उत्साहित हैं।
      राहुल गाँधी के इलावा अभी तक किसी ने नामांकन नहीं भरा है, आज नामांकन भरने की अंतिम तारीख थी। इसके साथ ही राहुल गाँधी का अध्यक्ष बनना लगभग तय है। राहुल गाँधी अपनी माँ सोनिया गाँधी के बाद अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे , सोनिया गाँधी ने लगभग 19 वर्षो तक कांग्रेस पार्टी अध्यक्षा के रूप में काम किया ।
       सोनिया गाँधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाने की प्रस्तावना पर हस्ताक्षर किये ।
      बाबा बकचोद का ज्ञान
      राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया,
      राहुल गांधी ने उसे स्वीकार किया और
      राहुल गांधी अध्यक्ष बनकर राहुल गांधी को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाएंगे।
      Rahul Gandhi Congress President
      आइये देखे कांग्रेस पार्टी के नेताओ ने राहुल गाँधी के अध्य्क्ष पर की नॉमिनेशन पर क्या कहा 

      1. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 

      मनमोहन सिंह ने राहुल गाँधी के नामांकन पर उन्हें कांग्रेस पार्टी के प्यारा कहा और कहा के वो पार्टी की महान परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

      2. शशि थरूर 

      शशि थरूर ने राहुल गाँधी के अध्यक्ष पद के नामांकन पर ख़ुशी जाहिर की और कहा के वो भारत के लिए राहुल गाँधी के साथ मिल के काम करने को उत्साहित हैं।

      3. सिद्धारमैया 

      कर्नाटका के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गाँधी को मुबारकबाद देते हुए कहा के राहुल  गाँधी के अध्यक्ष रहते कांग्रेस पार्टी नयी ऊंचाइयों को छुएगी।
      उन्होंने औरकहा के अगर राहुल जी के इलावा कोई नामांकन भरना चाहता हैं तो वह पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं।

      उन्होंने प्रधानमंत्री प् निशान साधते हुए कहा के प्रधानमंत्री का इस प्रक्रिया पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं हैं ।

      4. अशोक गेहलोत 

      राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने कहा के राहुल गाँधी के अध्यक्ष पद की प्रक्रिया पूरी तरह से लोकतांत्रिक हैं और प्रधानमंत्री ने इस पर टिप्पणी करके अपने पद की गरिमा को घटाया हैं ।

      5. नवजोत सिंह सिद्धू 

      नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने ही अंदाज़ में राहुल गाँधी को अध्यक्ष पद के नामांकन पर बधाई दी ।
      उन्होंने कहा "100 भेड़ो के आगे एक शेर लगाओ तो भेड़े भी शेर हो जाती हैं ,100 शेरो के आगे एक भेद लगा दो तो शेर ढेर हो जाता हैं , यंहा शेर नहीं बब्बर शेर हैं ।"

      बीजेपी ने प्रक्रिया पर उठाया सवाल 

      मुख़्तार अब्बास नकवी 

      मुख़्तार अब्बास नकवी ने नामांकन पर निशाना साधते हुए कहा के राहुल गाँधी अब तक सभी परक्षाओं में फेल हुए हैं , ऐसे में उन्हें परफॉरमेंस के बिना ही प्रमोशन दी जा रही हैं ।

      अपने ही रिश्तेदार ने उठाये सवाल 

      प्रधानमंत्री के प्रक्रिया पर टिप्पणी करने पर सभी कांग्रेसी नेताओ ने सवाल उठाये हैं, लेकिन उनके अपने ही रिश्तेदार जिसे आपने कई टेलीविजन के मंचो पर कांग्रेस का पक्ष लेते देखा होगा ।
      हम बात कर रहे हैं शहजाद पूनावाला का जो की राहुल गाँधी के रिश्तेदार भी हैं ।
      उन्होंने राहुल गाँधी के अध्यक्ष पद की प्रक्रिया पर सवाल उठाये और ट्वीट भी किया ।
                 उन्होंने राहुल गाँधी को परिवारवादी और वंशवादी कहा, शहजाद ने नरेंद्र मोदी के पक्ष में कहा के मैंने हमेशा मोदी को गलत कहा पर उन्होंने मेरी तारीफ की, वंही राहुल ने आठ साल तक काम करने के बाद भी बहार का रास्ता दिखा दिया ।
      अध्यक्ष प्रक्रिया फिक्स 
      शहजाद ने ट्वीट के जरिये कहा था के उन्होंने राहुल गाँधी को फ़ोन करके कहा था के उनके अध्यक्ष पद की प्रक्रिया फिक्स हैं और उनके पास इसके सुबूत हैं।
      लेकिन राहुल गाँधी ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया । शहजाद ने कहा के मैं अंतिम सांस तक कांग्रेस पार्टी के वंशवाद के बारे में बोलता रहूँगा चाहे मेरी आवाज़ को कितना भी दबाया जाये ।

      Wednesday, November 29, 2017

      भारत के खतरनाक डाकू जिनसे कांपती थी पुलिस भी | डाकू या फ़रिश्ते

      डाकू है या फ़रिश्ते ये आप तय करना जब आप भारत के सबसे खतरनाक डाकुओं के बारे में जानोगे जिनसे न सिर्फ आम लोग बल्कि पुलिस भी थर थर कांपते थे ।
      "कालीया कितने आदमी थे" इस डायलॉग को सुन के आपको डाकू शब्द ध्यान में आता होगा , आज के समय में डाकू शब्द सिर्फ फिल्मो में ही सुनने को मिलता है , पर ऐसा नहीं है के ये सिर्फ काल्पनिक चित्रण है ।
      डाकू सिर्फ फिल्मो में नहीं अपितु असल ज़िंदगी में भी होते थे , और इतने खतरनाक जिनसे आम लोग ही नहीं बल्कि पुलिस वाले भी कांपते थे ।
      कभी ऐसा समय भी हुआ करता था, जब अलग-अलग जगहों में डाकुओं का छात्र राज्य चला करता था। इन डाकूओं का डर हमेशा लोगों के दिलों में बना रहता था । ये अलग अलग तरह के अपराधों को अंजाम देते थे ।

      बाबा बकचोद का ज्ञान

      "हत्या, अपहरण करके जो डाकू बना वीरपन्न वो कहलाया था , अत्याचरो से तंग आकर फूलन ने शस्त्र उठाया था। अच्छे कर्म करके मान सिंह और सुल्ताना गरीबो का मसीहा कहलाया था, क्या बाबा बकचोद के इलावा आपको किसी ने ये सुनाया था ???"



       ऐसे ही कुछ डाकुओ की कहानी और नाम यंहा दिए गए है ।

      • वीरपन्न डाकू 

      वीरप्पन दक्षिण भारत का एक मशहूर डाकू था। उसने चन्दन की लकडियो की तस्करी से लेकर हाथी के दांत तक की तस्करी की। उसने मात्र 17 साल की उम्र में मर्डर जैसा अपराध किया। 1972 में उसे पहली बार गिरफ्तार किया गया।
      • विरपन्न अक्सर जंगल विभाग के अधिकारियो को मौत के घाट उतरता था।
      • या फिर उन लोगो को जो खुफिया जानकारी का आदान प्रदान करते थे।
      • 1987 में वीरप्पन ने एक फारेस्ट ऑफिसर चिंदम्बरम, तमिलनाडु को किडनैप कर उनका मर्डर भी कर दिया था।
      • 1991 में उसने आईएफएस अधिकारी पन्दील्लापल्ली श्रीनिवास को मार डाला।
      • अगस्त 1992 में वरिष्ट आईपीएस अधिकारी हरिकृष्णा पर आक्रमण भी किया था।
      2004 में उसे मौत के घाट उतर दिया गया , पर उसने तमिलनाडु, केरल से लेकर कर्नाटक तक आतंक मच रखा था।

      • डाकू मानसिंह

      अमीरों का पैसा लूटना और गरीबो में पैसे बांटना। एक ऐसा डाकू जिसे उसकी हरकतों के कारण "रॉबिनहुड" कहा जाता था। डाकू मानसिंह का जन्म आगरा में हुआ था ।
      • डाकू मानसिंह ने हमेशा सिर्फ अमीरों को लूटा ।
      • उसने कभी महिलाओ, बच्चो और विधवाओ पर अत्याचार नहीं किया।
      • 1955 में उसे एक एनकाउंटर में मार दिया गया ।
      डाकू मान सिंह के बारे में कहा जाता है के उसने गरीबो , जरुरतमंदो और औरतो पर कभी भी अत्याचार नहीं किया ।

      • निर्भय सिंह गुज्जर 

      निर्भय सिंह गुज्जर  चंबल का आखिरी बड़े डाकुओ में से एक था , उसके दर को इसी बात से जाना जा सकता है के उसके फरमान से ही सरपंच, विधायक और सांसद चुने जाते थे ।
      करीब डेढ़ दशक तक उसने बीहड़ में राज़ किया । निर्भय सिंह गुज्जर का राजनेताओ से भी सीधा सम्पर्क था और वो उनके इशारे पर डकैती, अपहरण और हत्या जैसे संगीन मामलो को अंजाम देता था । 

      • इसके गट के पास AK-47 जैसी बंदूके भी होती थी ।
      • गुज्जर के गट में करीब 80 सदस्य थे  । 
      • इनके गट के पास बुलेट प्रूफ जैकेट्स, दूरबीन, मोबाइल इतियादी हुआ करते थे ।
      • निर्भय सिंह के समाजवादी सरकार से अच्छे रिश्ते माने जाते थे, एक बार उसने शिवपाल को अपना बड़ा भाई कहा था ।
      • निर्भय सिंह ने एक गाँव के जनप्रतिनिधि की नाक काट दी थी , क्यूंकि उसने चुनाव लड़ा था और स्कूल बनाने के लिए जमीन दी थी ।
      एसटीएफ ने 2005 में निर्भय सिंह गुज्जर को मार गिराया ।

      • सुल्ताना डाकू 

      अपने दोस्त मान सिंह की तरह ही डाकू सुल्ताना को भी गरीबो का मसीहा कहा जाता था । कहा जाता है सुल्ताना महज 17 साल की उम्र में अंग्रेज अफसरों के अत्याचार से डाकू बना और 40 साल की उम्र तक सक्रिय रहा।
      • उनके सामने किसी की सर उठाने की हिम्माक्त नहीं होती थी ।
      • डाकू सुल्ताना ने हमेशा अमीरो को लूटकर गरीबो की मदद की ।
      • उसने भी अपने दोस्त डाकू मान सिंह की तरह किसी महिला, बच्चे और अबला पर कभी अत्याचार नहीं किया।
      • सुल्ताना नजीबाबाद के  एक किले में रहता था, जिसके कारण किले का नाम  सुल्ताना का किला पड़ गया था।
      सुल्ताना ने अकेले पूरी ब्रिटिश शासन व्यवस्था को हिला के रख दिया था । सुल्ताना को नजीबाबाद में ब्रिटिश सरकारने फांसी पर चढ़ा दिया ।

      • फूलन देवी 

      फूलन देवी एक ऐसी खतरनाक महिला डाकू थी जिसने सिस्टम के खिलाफ बंदूक उठाई । फूलन देवी की कहानी को कई फिल्मो के जरिये चित्रित किया जा चूका है । फूलन देवी 1980 के दशक में चम्बल की सबसे खतरनाक डाकू थी ।

      • दरसल फूलन देवी का उनकी बिरादरी के लोगो ने कई बार बलात्कार किया ।
      • उनके साथ कई बार मारपीट भी की गयी ।
      • 1981 को बहमई में 22 ठाकुरों की हत्या कर दी थी जिन्होंने उसका सामूहिक बलात्कार किया था ।
      • फूलन देवी ने 1983 में आत्मसमर्पण किया और 1994 तक जेल में रहीं।
      • समाजवादी पार्टी के टिकट पर फूलन देवी ने चुनाव लड़ा और मिर्ज़ापुर से सांसद चुनी गयी ।
      • हालांकि 1998 में चुनाव हर गयी , लेकिन 1999 में वो फिर सांसद के रूप में चुनी गयी ।
      25 जुलाई 2001 को उनकी हत्या कर दी गई और उसी के साथ एक डाकू से सांसद बनी डाकू फूलन देवी का सफर खत्म हो गया ।

               इन सब डाकुओ के बारे में ये तो स्पष्ट है के इनमे से कुछ मजबूरी में , कुछ गरीबो की मदद को तो कुछ सिर्फ खौफ पैदा करने को डाकू बने । आज भले ही डाकू शब्द हमें सुनने को नहीं मिलता, न ही हमें वो खौफ देखने को मिलता है जो इन डाकुओ के कारण हुआ करता था । आज भले ही हम ऐसे डाकुओ से न घिरे हो जो चेहरे से डाकू लगते है , परन्तु ऐसे लोगो से जरूर घिरी है जो चेहरे से शरीफ और कर्मो से इन डाकुओ से बत्तर है।
      हमें ऐसे लोगो को पहचानने की ज़रूरत है और उनको अपने समाज से दूर करने की ज़रूरत है ।

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